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कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा विभाग ,प्राइवेट कर्मचारी के भरोसे चल रहा सीडीपीओ कार्यालय

संत कबीरनगर उत्तरप्रदेश में आंगनवाडी केन्द्रों पर कार्यरत आंगनवाडी वर्करो से लेकर बाल विकास परियोजना कार्यालय भी कर्मचारी की कमी से जूझ रहे है राज्य सरकार भी कर्मचारी भर्ती निकालने के मूड में नही है जिसके कारण आम जनता भी परेशान है

जनपद के नाथनगर ब्लाक में स्थित बाल विकास परियोजना का कार्यालय का जिम्मा एक प्राइवेट कर्मचारी के भरोसे चल रहा है। और ये प्राइवेट प्रधान लिपिक भी सप्ताह में केवल एक ही दिन कार्यालय पहुंचते हैं। और आकर उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करके निकल जाते हैं।

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बुधवार को स्वय सहायता समूह की महिलाएं आवश्यक कार्य से कार्यालय पहुंची लेकिन कार्यालय में प्रभारी सीडीपीओ अनुपस्थित देखकर वो भी नाराज हो गयी । स्वय सहायता समूह की महिलाओ का कहना था कि कार्यालय में अनुपस्थिति का यही हाल रोज का रहता है। विधान सभा चुनाव में जिले के अधकारियों की व्यस्तता का लाभ सरकारी कर्मचारी उठा रहे हैं। बाल विकास परियोजना कार्यालय पर बुधवार को अजीब नजारा देखने को मिला। मौके पर गुरुचरण नामक एक व्यक्ति मौजूद मिला। उसने बताया कि वह कार्यालय पर प्राइवेट कर्मी है। प्रतिदिन आफिस का ताला खोलता है। कार्यालय में वितरण किट रखने की वजह से मैडम बरामदे में बैठ कर कार्यालय संचालित करती हैं लेकिन वह आज नहीं पहुंची है। प्रधान लिपिक के बारे में पूछे जाने पर वह कुछ बता नहीं सका। मौके पर मौजूद राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़ी समूह की महिलाएं आरती, गीता, सोनम, मालती ने बताया कि प्रधान लिपिक सप्ताह में एक दिन आते हैं। उपस्थिति दर्ज कराकर लौट जाते हैं। कुछ समस्या को लेकर सीडीपीओ के पास पहुंचे हैं। लेकिन दो बजे के बाद भी कार्यालय नहीं आई हैं। जिसके कारण उन्हें वापस जाना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना था कि आफिस के सारे कार्यों का जिम्मा प्राइवेट कर्मचारी द्वारा किया जाता है। समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। मैडम फोन भी नहीं उठा रही हैं।

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