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आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्री प्राइमरी शुरू,पांच सदस्यीय टीम का चयन

प्रदेश मे 2024 का नया शिक्षण सत्र शुरू हो चुका है। सरकारी स्कूल से लेकर प्राइवेट स्कूलो मे एडमिशन चल रहे है। इसको देखते हुए नयी शिक्षा नीति के तहत आंगनवाड़ी केन्द्रो पर प्ले स्कूली शिक्षा पर सरकार ज्यादा ध्यान दे रही है जिसके लिए बड़े कदम उठाए गए है।

बलरामपुर जिले मे प्रत्येक को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी कक्षाओं में बच्चों को पढ़ने के लिए लर्निंग कॉर्नर बनाया जाएगा। इन प्री प्राइमरी कक्षाओं में बच्चो को खेल-खेल में गणित और विज्ञान में न्यूटन के नियम सिखाए जाएंगे।

प्री-प्राइमरी बच्चों को स्कूल से जोड़ने एवं उन्हें खेल-खेल में शिक्षा देने के लिए इन लर्निंग कॉर्नर मे गणित, अंग्रेजी व विज्ञान विषयों को रोचक तरीके से पढ़ने के लिए रीडिंग, आर्ट, ब्लॉक एवं परफॉर्मेंस कॉर्नर बनाए जाएंगे।

जिले में स्कूलों को किया गया चयनित

जिले में लर्निंग कॉर्नर बनाने के लिए 565 को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्र का चयन किया गया है। इसके लिए शासन द्वारा करीब 45 लाख रुपए का बजट जारी किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों को बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ खेल-खेल में रुचिकर शिक्षा बनाने एवं उनके अंदर सीखने की प्रवृत्ति विकसित करना है।

प्राथमिक स्कूलों में भी संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केन्द्रो मे एक लर्निंग कॉर्नर बनाने में 8110 रुपए का खर्चा आएगा। इनमें ब्लॉक, परफॉर्मेंस, एवं रीडिंग कॉर्नर नाम के चार रीडिंग कार्नर बनाए जाएंगे।

को लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र संचालन में पांच सदस्यीय टीम होगी जिम्मेदार जिले में प्रत्येक को-लोकेटेड ऑगनबाड़ी केंद्रों में पांच सदस्यीय समिति का गठन होगा

प्राथमिक स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का अध्यक्ष ही केंद्र का अध्यक्ष होगा। साथ ही स्कूल के प्रिंसिपल सदस्य सचिव एवं संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्री सदस्य होंगी। नोडल अध्यापक के रूप में प्री-प्राइमरी नामित सदस्य बनाया जाएगा।

लर्निंग कॉर्नर बनाने के लिए विभाग से निर्गत धनराशि स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के खाते में भेजी जाएगी। इन को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र पर बने रीडिंग कॉर्नर बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे।

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