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आंगनवाड़ी केंद्रों पर हॉटकुक्ड बनाने और वितरण का कार्य सहायिका करेंगी

उत्तर प्रदेश सरकार को सात साल से बंद पड़ी हॉटकुक्ड योजना को शुरू करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी मिल गयी है।अब प्रदेश के 1.89 लाख आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत 1.27 करोड़ से अधिक 3 से 6 साल तक के उम्र वाले बच्चों को सरकार फिर से गरम भोजन खिलाएगी ।

प्रदेश में योजना के प्रारूप में आशिक बदलाव करते हुए अब इस योजना का क्रियान्वयन प्राथमिक विद्यालयों में चल रहे मिड डे मील की तर्ज पर किया जाएगा। अवगत हो कि सपा की अखिलेश सरकार ने इस योजना को 2016 में बंद कर दिया था। अब प्रदेश सरकार इस योजना को फिर से शुरू करने का फैसला किया है।

को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केन्द्रों हेतु गरम पका भोजन योजना के संचालन हेतु व्यवस्था

आंगनबाड़ी केन्द्र तक पहुँचाने व बच्चों को वितरण / परोसने का दायित्व आंगनबाड़ी सहायिका का

नॉन को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केन्द्रों हेतु गरम पका भोजन योजना के संचालन हेतु व्यवस्था

ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र जो प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संचालित नहीं हो रहे हैं तथा जिन्हें नॉन को लोकेटेड आंगनबाड़ी केन्द्रों की श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है, हेतु हॉट कुक्ड मील तैयार कर लाभार्थियों को वितरित किये जाने की अलग से व्यवस्था की जा रही है।

सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 की गाइडलाइन के अनुसार आंगनबाड़ी सहायिका का कार्य एवं दायित्व लाभार्थियों के लिये भोजन पकाने व परोसने का है, जिसके लिए उन्हें मानदेय प्रदान किया जाता है। अतः नॉन को लोकेटेड आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों हेतु भोजन तैयार करने व परोसने का उत्तरदायित्व आंगनबाड़ी सहायिका का होगा।

बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा हॉटकुक्ड योजना के लिए जारी दिशा निर्देश पढ़ने के लिए क्लिक करे

प्रति बच्चा 100 ग्राम भोजन तैयार करने पर रसोइया को मिलेगा रु0 0.67 की राशि

पी०एम० पोषण योजनान्तर्गत प्रत्येक विद्यालय में औसतन 100 छात्रों को प्रतिदिन प्रति छात्र 100 ग्राम भोजन की मात्रा तैयार किये जाने पर रसोइया का पारिश्रमिक प्रति लाभार्थी प्रतिदिन धनराशि रु0 0.67 (लगभग) आगणित होता है।

उसी के अनुपात में प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र पर औसतन 40 छात्रों के लिये प्रतिदिन प्रति लाभार्थी 70 ग्राम भोजन की मात्रा तैयार किये जाने हेतु पी0एम0 पोषण योजना के अन्तर्गत भोजन तैयार करने हेतु अधिकृत रसोइये को आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों हेतु भोजन तैयार करने का पारिश्रमिक तथा इसके भुगतान की प्रक्रिया का निर्धारण निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार द्वारा निदेशक, पी0एम0 पोषण से विचार-विमर्श कर जारी किया जायेगा। किसी भी दशा में रसोइया का पारिश्रमिक प्रति लाभार्थी प्रतिदिन रु0 0.50 से अधिक नहीं दिया जाएगा।

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