Site icon AanganwadiUttarpradesh

आंगनवाडी वर्करो को कई राज्यों से ज्यादा मानदेय देते है : मनोहर

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आखिरकार लगभग दो माह से आन्दोलन कर रही प्रदेश की आंगनबाड़ी के सम्बन्ध में बयान दे दिया है उन्होंने कहा कि आंगनवाडी भले ही मानदेय बढ़वाने को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन हकीकत में पूरे उत्तर भारत में इन्हें सबसे ज्यादा मानदेय और सुविधाएं दी जा रही हैं। सीएम मनोहर लाल ने बुधवार को बताया कि आंगनबाड़ी कर्मचारियों के आंदोलन का कोई औचित्य इसलिए नहीं है, क्योंकि उनकी सभी मांगें मानी जा चुकी है। प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी कर्मचारियों द्वारा मांगी जा रही सुविधाओं से कहीं अधिक उन्हें दे रही है और आगे भी देगी। मिनी आंगनबाड़ी वर्कर को हरियाणा में 11 हजार 401 रुपये मानदेय दिया जा रहा है।

वर्तमान में हरियाणा सरकार आंगनबाड़ी वर्करो को अपने हिस्से के मानदेय में सर्वाधिक 9961 रुपये का मासिक योगदान दे रही है, इसमें केंद्र का हिस्सा 2700 रुपये है। बाल विकास की यह योजना केंद्र व प्रदेश सरकारों द्वारा रेशियो के आधार पर 60:40 के अनुपात में आंगनवाडी वर्करो को मानदेय देती है। हरियाणा में सन 2014 में आंगनबाड़ी वर्कर को 7500 रुपये और हेल्पर को 3500 रुपये मानदेय मिलता था, जो अब लगभग दोगुना हो चुका है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रति मास 12 हजार 661 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी वर्कर को 11 हजार 401 रुपये व सहायिका को 6781 रुपए मानदेय दिया जा रहा है।

हरियाणा सरकार द्वारा आंगनवाडी वर्करो दिए जाने वाला मानदेय का ब्यौरा

तमिलनाडु में आंगनबाड़ी वर्कर को 12 हजार 200 रुपये, छत्तीसगढ़ में 6500 रुपये, मध्यप्रदेश में 10 हजार रुपये, पश्चिम बंगाल में 8250 और पंजाब में 9500 रुपये मानदेय मिल रहा है तमिलनाडु में मिनी आंगनबाड़ी वर्कर को 9400 रुपये, तेलंगाना में 7800 रुपये, छत्तीसगढ़ में 4500 और पंजाब में 6300 रुपये मानदेय दिया जा रहा है।उत्तरप्रदेश में वर्तमान समय तक आंगनवाडी कार्यकत्रियो को मात्र 5500 और सहायिकाओ को 2750 रुपए मानदेय मिल रहा है

हरियाणा सरकार द्वारा आंगनवाडी सहायिकाओ को दिए जाने वाला मानदेय का ब्यौरा

Exit mobile version