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आम बजट 2024: बाल विकास विभाग को कितना लाभ मिला,आंगनवाड़ी वर्करों की अनदेखी

आम बजट 2024 में ‘महिला संचालित विकास’ को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं और बालिकाओं को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं के लिए वित्तमंत्री ने तीन लाख करोड़ से अधिक रुपये के आवंटन की व्यवस्था की गई है। साथ ही कामकाजी महिलाओं को सुविधाओं के साथ प्रशिक्षण पर जोर दिया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बजट पेश करते हुए कहा कि महिला कामगारों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उद्योग के सहयोग से कामकाजी महिलाओं के लिए हास्टल और शिशु गृहों की स्थापना की जाएगी। महिलाओं के लिए विशिष्ट कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करना और महिला स्वयं सहायता समूह उद्यमियों के लिए बाजार तक पहुंच को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाएंगे।

निर्मला सीतारमण ने ‘वुमेन लेड डेवलेपमेंट’ को बढ़ावा देने के लिए बजट में महिलाओं और बालिकाओं को लाभ देने वाली योजनाओं के लिए तीन लाख करोड़ से अधिक के आवंटन की व्यवस्था की गई है।

महिलाओं के सशक्तीकरण और उन्हें अचल संपत्ति की मालकिन बनने को प्रोत्साहन देने की भी एक नीति बजट में दी गई है। बजट में केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से कहा है कि महिलाओं द्वारा खरीदी गई संपत्तियों में स्टांप शुल्क कम करने पर विचार किया जाए। इसके लिए केंद्र सरकार राज्य सरकारों को प्रोत्साहित करेगी। बजट में महिलाओं के संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में भी छूट का प्रस्ताव है।

राष्ट्रीय बाल आयोग के लिए अलग से धन का आवंटन किया गया है। महिला सशक्तीकरण के मद में सरकार ने 629 करोड़ का प्रावधान किया है। इसमें सबला योजना के तहत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, नारी अदालत, महिला पुलिस स्वयंसेवक और महिला हेल्प लाइन शामिल है।

सामर्थ्य योजना के तहत शक्ति सदन, उज्ज्वला, विधवा गृह, सखी निवास (महिला छात्रावास) क्रेच और प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के लिए 3145.97 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जबकि पिछली बार यह धनराशि 2325.85 करोड़ थी। महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के लिए 1226.29 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

महिला एवं बाल विकास के लिए कुल आवंटन

  1. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के बजट आवंटन में ढ़ाई प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी की गई है। महिलाओं और लड़कियों से संबंधित लाभकारी योजनाओं के लिये तीन लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  2. सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं को पोषण, बाल संरक्षण और महिला सशक्तीकरण की दिशा में बेहतर परिणाम के लिए अपने प्रयासों को जारी रखने के लिये पर्याप्त धनराशि दी गई है।
  3. बजट में विशेष रूप से सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के लिए 21,200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसका उद्देश्य कुपोषण की समस्या से निपटना और बच्चों की देखभाल में सहयोग करना है।
  4. महिला छात्रावास, स्वाधार (आश्रय) गृह और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी परियोजनाओं का समर्थन करने वाली सामर्थ्य उप-योजना के लिए 2,516 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले संशोधित बजट 2,325 करोड़ रुपये से थोड़ा सा अधिक है।
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