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केंद्र सरकार और हाई कोर्ट के आदेश के बाबजूद आंगनवाड़ी वर्करो का किया जा रहा उत्पीड़न

बाल विकास विभाग मे शासन या कोर्ट के आदेशो की अवहेलना किस हद तक हो सकती है इसका अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल है। केंद्र सरकार से लेकर कोर्ट तक और उसके बाद विभागीय निदेशालय द्वारा आंगनवाड़ी वर्करो से गैर विभागीय कार्य लेने पर रोक लगी हुई है। लेकिन जिला स्तर पर इन आंगनवाड़ी वर्करो का उत्पीड़न किया जा रहा है।

रामपुर जनपद के स्वार क्षेत्र मे निर्वाचन विभाग के कार्यो मे आंगनवाड़ी वर्करो को लगाया गया है अब इन वर्करो को अपने और अन्य विभागो के कार्य करने पड़ते है। जिस विभाग का कार्य मे देरी हो जाती है वही विभाग आंगनवाड़ी के विरुद्ध कार्यवाही करता है जिले के निर्वाचन विभाग द्वारा बी0एल0ओ0 बनाई गयी बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की आगंनबाडी वर्करो के खिलाफ नोटिस जारी कर एफ आई आर करने की तैयारी की जा रही है।

इन आंगनवाड़ी वर्करो पर होगी कार्यवाही

आंगनवाड़ी कार्यकत्री ममता कश्यप बूथ संख्या 110

आगंनबाड़ी कार्यकत्री माजिदा खातून बूथ संख्या 127

आगंनबाड़ी कार्यकत्री गीता रानी बूथ संख्या 107

आगंनबाड़ी कार्यकत्री रेखा रानी बूथ संख्या 106

आगंनबाड़ी कार्यकत्री वरखा वर्मा बूथ संख्या 121

आगंनबाड़ी कार्यकत्री रूबी वर्मा बूथ संख्या 122

आंगनवाड़ी और कोटेदारो को दिया जा रहा प्रशिक्षण

मऊ जनपद मे फतेहपुर मंडाव के ब्लाक सभागार में कोटेदारों व आंगनबाड़ी वर्करो का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम मे आईसीडीएस द्वारा गर्भवती महिलाओं, कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य के संबंध में आंगनवाड़ी वर्करो को जानकारी दी गई जिससे इन गर्भवती महिलाओं व बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सके।

जिले के आपूर्ति निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को गर्भ धारण करने के प्रारंभिक समय में किस तरह का भोजन करना चाहिए। स्वास्थ्य केन्द्रों पर समय-समय पर स्वास्थ्य की चिकित्सकीय जांच के लिए गांव की आशा द्वारा जांच कराते हुए कुपोषण से बचा जा सकता है।

मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी राय ने बताया कि आईसीडीएस बचपन का एक विकास कार्यक्रम है, जिसका उदेश्य कुपोषण, स्वास्थ्य व बच्चों तथा गर्भवती व धात्री महिलाओ की विकास के आवश्यकताओं की पूर्ति करता है।

आंगनवाड़ी वर्करो के प्रशिक्षण की शुरुवात

बलरामपुर जिले मे जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सभागार में प्राथमिक विद्यालयों में को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रो पर कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षित करने के लिए ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के सभी 10 ब्लॉकों से दो-दो संकुल शिक्षक एवं बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग से दो-दो सुपरवाइजरों ने भाग लिया।

जिले मे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ डायट के प्राचार्य हिफजुरहमान द्वारा किया गया। इस प्रशिक्षण में आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकृत तीन से छह आयु वर्ग के बच्चों के लिए 52 सप्ताह की गतिविधियों पर आधारित विभाग से उपलब्ध कराई सामाग्री वितरण की गई।

इस सामग्री मे सीखने व सिखाने की बेहतर जानकारी दी गई है। इस सामाग्री से बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक, मौखिक, भाषा, सामाजिक, भावनात्मक एवं रचनात्मक विकास की गतिविधियों को बेहतर बनाया जाएगा।

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