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नौकरी और परमोशन के नाम पर अवैध वसूली करने वाला सीडीपीओ निलंबित

प्रदेश के बाल विकास विभाग मे शासन के निर्देश पर आंगनवाड़ी के पदो पर ऑनलाइन आवेदन चल रहे है। आंगनवाड़ी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के विभाग द्वारा सख्त कदम उठाए गए है। लेकिन विभाग के कुछ अधिकारी ही नियुक्ति कराने के नाम पर दलाली कर रहे है।

सोनभद्र जिले के नगवां ब्लाक में नियुक्त बाल विकास परियोजना अधिकारी हृदय नारायण को कार्यकत्री से मुख्य सेविका के पद पर प्रमोशन और आंगनवाड़ी के पदो पर नियुक्ति कराने के नाम पर और आंगनबाड़ी सहायिकाओं से अवेध वसूली के आरोप में निदेशालय से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया गया है।

जिले मे आंगनबाड़ी सहायिका संगीता देवी, मंजू देवी व सविता देवी निवासी मचबंधवा द्वारा आरोप लगाया गया है कि दुद्धी परियोजना में नियुक्त सीडीपीओ हृदय नारायण ने कार्यकत्री से मुख्य सेविका के पद पर प्रमोशन के नाम पर उन से दिसंबर 2022 में तीन लाख 20 हजार लिए थे। क्योंकि अब से कुछ समय पहले शासन ने आंगनवाड़ी भर्ती से पूर्व पदोन्नति के आदेश जारी किए थे।

साथ ही सीडीपीओ हृदय नारायण ने नंदलाल से उनकी बेटी पूनम कुमारी को आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर नियुक्ति दिलाने के लिए 75 हजार रुपये लिए थे। परियोजना मे नियुक्ति के समय सीडीपीओ हृदय नारायण ने सविता देवी को चेक के माध्यम से एक लाख रुपये वापस कर दिया था। इस वजह से जांच में सीडीपीओ हृदय नारायण के खिलाफ ये बात साबित हो गयी।

हृदय नारायण को बाल विकास विभाग निदेशालय की निदेशक द्वारा निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया गया है।

निदेशालय से जारी निलंबन का आदेश

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