उत्तरप्रदेश मे पिछले पाँच साल से चल रही आंगनवाड़ी भर्ती प्रक्रिया अभी तक पूर्ण नहीं हो सकी है। 2024 का भी अंतिम सत्र चल रहा है लेकिन इस भर्ती का कोई अता पता नहीं है। वर्ष 2021 से 2023 तक विभाग दो बार नियमावली जारी कर चुका है जिसमे एक बार नियमो की अनदेखी के कारण हाईकौर्ट ने भर्ती पर बैन भी लगा दिया था।
कासगंज जिले में चुनाव से पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों को भरने के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे लेकिन आचार संहिता लगने के कारण भर्ती प्रक्रिया को बंद कर दिया गया। उसके बाद पोर्टल बंद होने से पांच माह से भर्ती प्रक्रिया बंद पड़ी है। पूरे जिले मे लगभग 395 पद रिक्त पड़े है जिनका अन्य केन्द्रो की आंगनवाड़ी को अतिरिक्त चार्ज देकर संचालन किया जा रहा है।
जिले में कुल 2445 आंगनबाड़ी केन्द्रो के सापेक्ष आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति नहीं है। बाल विकास विभगा मे आंगनवाड़ी के पदो पर भर्ती प्रक्रिया बहुत लंबे समय से बंद पड़ी है। दो साल पहले रिक्त पदों को भरने के लिए आरक्षण की प्रक्रिया पूर्ण की गयी थी। उसके बाद नियमानुसार सहायिकाओं को प्रोन्नत करने के बाद 395 पद बचे थे उन पदो पर रिक्तियों के लिए आवेदन मांगे गए थे।
चुनाव से पूर्व शासन के निर्देश पर भर्ती पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। जिसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 14 अप्रैल तक भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई। ये भर्ती प्रक्रिया अप्रैल माह में पूर्ण होनी थी लेकिन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग जाने से प्रक्रिया पर ब्रेक लग गया। उसके बाद आचार संहिता हटने के बाद पाँच माह बीत चुके है लेकिन अभी तक भर्ती प्रकिया शुरू नहीं हो सकी है।
देखा जाये तो जिले में आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाओ के कुल 950 पद रिक्त पड़े है। लेकिन अभी तक शासन की तरफ से कोई आदेश जारी नहीं किये गए है। जबकि आवेदन करने वाली महिलाए इसी इंतजार मे है कि भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होगी और कब आंगनवाड़ी बनने का मौका मिलेगा।

