आंगनवाड़ी सुपरवाइजर भर्ती की बड़ी अपडेट, हाईकोर्ट ने दी अनुमति
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर भर्ती

बाल विकास विभाग मे आंगनवाड़ी सुपरवाईजर के बड़ी संख्या मे पद रिक्त पड़े है। विभाग द्वारा आंगनवाड़ी से पदोन्नति और सीधी भर्ती द्वारा पदो को भरने के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे साथ ही 50% पद आंगनवाड़ी कार्यकत्री से मुख्य सेविका के पद पर पदोन्नति से भरे गए थे लेकिन अभी तक मुख्य सेविका के रिक्त पदो पर सीधी भर्ती प्रक्रिया भर्ती पूर्ण नहीं हो सकी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर सीधी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी गयी थी लेकिन अब न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने वाराणसी की अनीता सिंह और 75 अन्य की याचिका पर आदेश जारी करते हुए यूपी सेवा चयन आयोग को कहा है कि मुख्य सेविका के 126 पदों को रिक्त रख 2567 के परिणाम जारी करे।
यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के वकील सिद्धार्थ सिंघल ने दलील दी कि अंतरिम आदेश 13 दिसंबर 2023 के तहत आयोग को मुख्य सेविका के लिए आयोजित चयन के संबंध में परिणाम घोषित नहीं करने का निर्देश दिया गया था। न्यायालय से अंतरिम आदेश में संशोधित करने की मांग की। ताकि, यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग शेष पदों का परिणाम घोषित कर सके।
आंगनवाड़ी नियमावली मे 50% पद कार्यकत्री से मुख्य सेविका के पद पर पदोन्नति से भरे जाते है। इस पदोन्नति के लिए मेरिट के आधार आंगनवाड़ी कार्यकत्री का चयन किया जाता है लेकिन पिछले वर्ष मात्र 300 पद ही पदोन्नति से भरे गए थे बाकी पदो पर पदोन्नति पेंडिंग मे पड़ी है। विभाग ने रिक्त पदो पर सीधी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन का विज्ञापन जारी कर दिया।
बाल विकास विभाग में मुख्य सेविका के पद पर संविदा पर लंबे समय से कार्यरत याचिका कर्ता अनीता सिंह और 75 अन्य काफी दिनों से नियमित करने की मांग कर रही थीं। लेकिन सरकार ने संविदा पर कार्य कर रही इन वर्करो को नियमित करने की बजाय नयी सीधी भर्ती के आदेश दे दिये।
यूपी अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने मुख्य सेविका पद के लिए 2693 पद भरने का विज्ञापन जारी कर दिया। इसके खिलाफ संविदा पर कार्य कर रही मुख्य सेविकाओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए उन्हें 2693 पदों में 126 पर उन्हें नियमित करने की मांग की।
याचिका कर्ता के अधिवक्ता एचएन सिंह ने कोर्ट को बताया कि याचिका दायर करने के बाद जुलाई 2023 से विभाग ने याचिकाकर्ताओं के वेतन का भुगतान करने पर रोक लगा दी है। इसीलिए इन सेविकाओं को अनुभव आदि को देखते हुए नियमित करने की प्रार्थना की है।
इस पर न्यायालय ने आदेश को संशोधित करते हुए कहा कि मुख्य सेविका के 126 पदों को रिक्त रखते हुए शेष पद के लिए आयोग परिणाम घोषित करे और इन याचिकाओ के रोके गए वेतन का भुगतान करे। अब इस केस की अगली सुनवाई पांच दिसंबर को होगी।




