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आंगनवाडी मे नौकरी के नाम पर नाना ने लाखों रुपए ठगे,रिश्तों में ही दिया धोखा

प्रदेश के बाल विकास विभाग मे आंगनवाड़ी कार्यकत्री के पदो पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के बाद नियुक्ति पत्र देने का कार्य चल रहा है। पात्र महिलाओ के सत्यापन के बाद मेरिट सूची जारी कर दी गयी है। लेकिन इस मेरिट सूची मे नाम न आने पर महिलाओ मे खास नाराजगी है। जिसमे कुछ महिलाओ को भर्ती के नाम पर अपने रिश्तेदार ही धोखादड़ी कर रहे है।

महाराजगंज जिले मे सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी आवेदक महिला को उसके नाना ने ही आंगनबाड़ी मे नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये ठग लिए। इसकी जानकारी मिलने पर उस महिला ने गाँव मे पंचायत बुला ली।

इस पंचायत के फैसले के बाद भी महिला के नाना ने रिश्वत लेने के नाम पर हड़पी रकम को वापस नहीं लौटाया। इससे परेशान होकर महिला ने पुलिस मे शिकायत कर दी। इसके बाद महिला की तहरीर पर पुलिस ने नाना के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के सोनरा के निवासी अमित कुमार ने निचलौल पुलिस को दी तहरीर में बताया कि निचलौल थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव में उसकी पत्नी बबीता के सगे नाना रामचंद्र रहते हैं। नाना ने उनसे दो साल पहले बबीता को आंगनबाड़ी मे नौकरी लगवाने के लिए एक लाख रुपये लिए थे।

जिले मे मेरिट सूची जारी होने के बाद पता चला कि उनकी पत्नी का आंगनवाड़ी लिस्ट मे नंबर नहीं आया तो इसके बाद उन्होने दी गयी रकम को वापस करने के लिए कई बार नाना से कहा लेकिन उन्होंने रकम को वापस नहीं किया।

इसके बाद उन्होने गाँव मे पंचायत भी बुलाई लेकिन पंचायत के कहने पर भी नाना ने पैसे वापस नहीं किये। आखिर मे उन्होने 17 दिसंबर 2024 को थाने पहुंचकर पुलिस को शिकायती पत्र दिया। पुलिस ने पत्नी बबीता के नाना रामचंद्र को थाने बुलाकर पंचायत की तो रामचंद्र ने लिखित में पत्र देकर दो मार्च को रकम वापस करने की बात कही थी।

लेकिन पुलिस थाने की बात को भी रामचन्द्र ने अनुसना करते हुए पैसे वापस नहीं किये। बबीता ने पुलिस को पैसे न देने की बात कही। इसके बाद थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश वर्मा ने बबीता की तहरीर पर आरोपी नाना रामचंद्र निवासी सिंहपुर के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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