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सक्षम आंगनवाड़ी 2.0 : आंगनवाड़ी से जुड़ी बड़ी खबर जरूर पढ़े

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा बेहतर कार्यान्वयन ,कुशल निगरानी के लिए और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कार्यान्वित सभी योजनाओं को तीन भागों में बांटा गया है।

सक्षम आंगनवाड़ी पोषण 2.0

(देश में पोषण और स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के लिए),

मिशन शक्ति

(महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए)

मिशन वात्सल्य

(कठिन परिस्थितियों में बच्चों की सुरक्षा, देखभाल और कल्याण के लिए)

योजनाओं का विवरण

सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 (मिशन पोषण 2.0): इस कार्यक्रम के तहत, आंगनवाड़ी सेवा योजना, पोषण अभियान और किशोरियों के लिए योजना को 3 प्राथमिक उप-वर्टिकल में पुनर्गठित किया गया है:

(i) पोषण और किशोरियों के लिए पोषण सहायता

(ii) प्रारंभिक बचपन देखभाल और शिक्षा [3-6 वर्ष]

(iii) आधुनिक, उन्नत सक्षम आंगनवाड़ी सहित आंगनवाड़ी बुनियादी ढांचा।

मिशन शक्ति: मिशन शक्ति में महिलाओं की सुरक्षा के लिए दो उप-वर्टिकल शामिल हैं।

‘संबल’ और महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए ‘सामर्थ्य’

‘संबल’ वन स्टॉप सेंटर (ओएससी), महिला हेल्पलाइन (181-डब्ल्यूएचएल) और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी) की मौजूदा योजनाओं को संबल उप-वर्टिकल का हिस्सा बनाया गया है।

‘सामर्थ्य’ उप-वर्टिकल मे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई), उज्ज्वला, स्वाधार गृह (जिसका नाम बदलकर शक्ति सदन रखा गया है) और कामकाजी महिला छात्रावास (जिसका नाम बदलकर सखी निवास रखा गया है), राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण केंद्र (एनएचईडब्ल्यू) और राष्ट्रीय क्रेच योजना (जिसका नाम बदलकर पालना रखा गया है) योजना में शामिल है।

मिशन वात्सल्य: मिशन वात्सल्य ने जरूरतमंद बच्चों तक बेहतर पहुंच और सुरक्षा तथा मिशन मोड में देखभाल के लिए एकीकृत बाल संरक्षण योजना (आईसीपीएस) को शामिल कर लिया है

जिसका उद्देश्य है:

(i) कठिन परिस्थितियों में बच्चों को समर्थन और सहारा देना।

(ii) विभिन्न पृष्ठभूमियों के बच्चों के समग्र विकास के लिए संदर्भ-आधारित समाधान विकसित करना।

(iii) अभिनव समाधानों को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रीन फील्ड परियोजनाओं के लिए गुंजाइश प्रदान करना।

(iv) गैप फंडिंग द्वारा अभिसरण कार्रवाई को मजबूत करना।

नोट करे कि…. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना पश्चिम बंगाल राज्य में लागू नहीं है। इस योजना के कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार के साथ नियमित पत्राचार और निरंतर समीक्षा बैठकें/वीसी की जाती हैं।

पोषण अभियान योजना के तहत, बच्चों में एनीमिया को नियंत्रित करने और सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों मे फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति की जाती है।

लाभार्थियों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों पर सप्ताह में कम से कम एक बार गर्म पका हुआ भोजन और टेक होम राशन (टीएचआर) तैयार करने के लिए बाजरा के उपयोग पर अधिक जोर दिया जा रहा है।

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