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यूपी मे इस जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में हो रही ए आई टेक्नोलॉजी से पढ़ाई

पीलीभीत जिले में सात आंगनबाड़ी केंद्रों के डिजिटलकरण पर लगभग 14 लाख रुपये खर्च हुई है। इन डिजिटल आंगनबाड़ी केंद्रों पर एआई के माध्यम से केन्द्रो पर आने वाले छोटे बच्चों को पढ़ाई के साथ साथ संस्कार भी दिए जा रहे हैं।

बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3 से 6 साल के बच्चों को प्री प्राईमरी की शिक्षा दी जाती है। इन बच्चों को खेल-खेल में स्कूल के लिए तैयार किया जाता है। बरेली मंडल के पीलीभीत जिले मे चल रहे डिजिटल आंगनबाड़ी केंद्रों की मुख्यमंत्री भी तारीफ कर रहे है। साथ ही उन्होने कहा है कि इसे प्रदेश के सभी जिलो मे लागू किया जायेगा।

जिले के आंगनबाड़ी केद्रों में तकनीकी के जरिए बच्चों की शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए नयी तकनीकी ए आई का प्रयोग करते हुए सात आंगनबाड़ी केंद्रों को डिजिटल किया गया है। इसके लिए आंगनवाड़ी केंद्रों पर एआई टूल्स का उपयोग करके बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्मार्ट टीवी, एआई आधारित गैजेट, डिजिटल टैबलेट, और डिजिटल किताबें उपलब्ध कराई गईं हैं।

आईआईटी दिल्ली द्वारा संवर्धित वास्तविकता कटेंट की मदद से बच्चों के बीच में शेर और हाथी जैसे जानवर घूमते दिखाई देते हैं। जादू का पिटारा बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ा रहा है। बच्चों को शैक्षिक खिलौने दिए गए हैं। जो बच्चों की सृजनात्मकता, भाषा और गणितीय कौशल के साथ सामाजिक विकास में भी वृद्धि कर रहे हैं। इसके लिए सीएससी के सीएसआर से प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।

जिले के डीपीओ युगल किशोर सांगुड़ी का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के डिजिटल होने से बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ रही है। इसके अच्छे परिणाम भी सामने आ रहे हैं। सीएससी एकेडेमी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण दिया है।

इन ब्लॉक की ग्राम पंचायत मे चल रहे हैं डिजिटल आंगनबाड़ी केंद्र

ग्रामब्लॉक
बिलसंडाघनश्यामपुर
बढ़ापुरअमरिया
करनपुर लायकरामबीसलपुर
जोगीठेर बरखेड़ा
पूरनपुर देहातपूरनपुर
खेड़ाललौरीखेड़ा
खागमरौरी
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