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महिला के जेठ ने ही आंगनवाड़ी मे नौकरी लगवाने के नाम पर एक लाख रुपए ठगे

महराजगंज जिले मे परसामलिक थाना क्षेत्र के निपनिया टोला खजुरा गांव मे एक महिला को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर उसके जेठ ने ही एक लाख रुपये ठग लिए। हद तो तब हो गयी जब ठगी का शिकार महिला को जौनपुर में फर्जी ट्रेनिंग भी दिलाई गयी।

जब महिला ने नियुक्ति पत्र मांगा गया तो पोल खुल गई। महिला ने जब अपने पैसे वापस मांगे तो उसे धमकी देने के बाद मारपीट की गयी। पीड़ित महिला ने इसकी पुलिस मे शिकायत कर दी तो पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पीड़ित पूनम द्वारा दी गयी शिकायत के अनुसार उसके परिवार मे उसके पति के दो भाई हैं। जिसमे घर, मकान, खेत-खलिहान का बंटवारा होने के बाद सास-ससुर उसके साथ ही रहते हैं। पिछले वर्ष शासन द्वारा आंगनवाड़ी भर्ती शुरू होने के बाद उसके जेठ दिनेश यादव ने गाँव मे ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर भर्ती कराने के लिए कहा।

उसके जेठ ने कहा कि रतनपुर मिश्रौलिया के सीडीपीओ से उसकी अच्छी जानकारी है इसीलिए तुम्हारी नौकरी आसानी से लग जायेगी। पूनम ने जेठ की बात मान ली लेकिन इस बात को अपने पति कमलेश से नहीं बताया। इसके बाद उसके जेठ ने पूनम को जौनपुर जिले में किसी कंपनी के ऑफिस में दो माह ट्रेनिंग के बहाने रखा और कहा कि ट्रेनिंग होने के बाद नियुक्ति पत्र मिल जायेगा।

जेठ दिनेश ने नियुक्ति कराने के लिए पहले 20 हजार और ट्रेनिंग के दौरान 80 हजार रुपये और ले लिए।पूनम ने बताया कि वहा ऑफिस में ट्रेनिंग के दौरान जौनपुर जिले की तीन महिलाएं और भी थीं। दो माह ट्रेनिंग के बाद पूनम घर चली आई इसके बाद पूनम ने नियुक्ति पत्र मांगा तो जेठ-जेठानी उससे झगड़ा करने लगे।

जब पूनम ने 16 मार्च को अपने पैसे वापस मांगे तो उसके जेठ दिनेश यादव, उनकी पत्नी सिंधू, पुत्र कृष्णा ने उसकी पिटाई कर दी। इस बीच पति कमलेश बीच-बचाव करने आए तो उनकी भी इन लोगो ने पिटाई कर दी। जिससे आहत होकर पूनम ने इसकी शिकायत पुलिस मे कर दी।

पूनम द्वारा इस धोखाधड़ी की शिकायत पर न्यायालय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया। जिसमे थानाध्यक्ष परसामलिक योगेंद्र कुमार राय ने आरोपियों पर केस दर्ज करने की पुष्टि कर दी है।

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