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Aanganwadi news: साल भर देती है अपनी जेब से भवन किराया कार्यकत्री

आंगनवाड़ी न्यूज

प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को चाहे कितना हाईटेक बनाने का दावा करती रहे लेकिन धरातल पर इसकी हकीकत बिलकुल अलग है । शहर के आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बहुत खराब है सरकार से तय किराया भी समय से नहीं मिलता है आंगनवाड़ी वर्करो को साल भर अपनी जेब से देना पड़ता है। जो आंगनवाड़ी जेब से देने मे सक्षम नहीं होती उनको किराया समय पर नहीं मिलने पर मकान मालिक केन्द्र को खाली करने के लिए कहते हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग के आदेशानुसार मकान के दस्तावेज की कॉपी उपलब्ध कराने पर शहरी क्षेत्रो मे एक कमरे के लिए 4 हजार रुपए मासिक किराया विभाग देता है इसमे बिजली का बिल भी शामिल होता है इसके लिए कमरे का साइज बहुत बड़ा होना चाहिए।

टीकाकरण अभियान के दौरान सड़क या आस-पास के घर के बाहर जाकर टीका लगाना पड़ता है। निर्धारित की गई राशि भी समय पर नहीं मिलती है । सरकार ने आंगनबाड़ी केन्द्र के किराए के लिए शहर में चार हजार और ग्रामीण क्षेत्र में एक हजार रुपए की राशि सुनिश्चित कर रखी हैं। जबकि मेट्रोपोलिटन जेसे बड़े शहरों मे 6000/- प्रतिमाह किराया दिया जाता है ।

ये समस्या सिर्फ एक जिले की नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की है बाल विकास विभाग द्वारा इस बात का ध्यान नहीं दिया जा रहा है कि जिन क्षेत्रो मे आंगनवाड़ी के पास केंद्र संचालित करने के लिए न तो खुद का भवन है न ही कोई सरकारी बिल्डिंग है वो आंगनवाड़ी केन्द्रो के बच्चो को केसे शिक्षित करेगी और केसे उन बच्चो का विकास होगा।

मात्र 6 हजार मानदेय पर कार्य करने वाली आंगनवाड़ी वर्कर को साल भर बाद भवन किराया दिया जाता है कभी कभी तो एक से अधिक वर्ष भी लग जाते है ऐसी स्थिति मे भवन मालिक को केन्द्रो का किराया स्वय से वहन करना पड़ता है जिससे आंगनवाड़ी की स्थिति बहुत ही दयनीय हो जाती है

भारत सरकार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, के द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों के किराये में वृद्धि करते हुए निम्नवत् दरें निम्न शर्तों के साथ निर्धारित की गयी है :-

  • शहरी क्षेत्र के लिए रू0 4000 /- प्रतिमाह
  • ग्रामीण क्षेत्र के लिए रू0 1000 /- प्रतिमाह
  • मेट्रोपोलिटन शहरों के लिए 6000/- प्रतिमाह

किसी भी भवन को किराये पर लेने के लिए निम्न सुविधाओं की पूर्ति अनिवार्य है।

  1. आंगनवाड़ी केन्द्र में 500 से 600 वर्गफिट की जगह हो।
  2. आंगनवाड़ी केन्द्र में शौचालय की व्यवस्था हो ।
  3. आंगनवाड़ी केन्द्र पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था हो ।
  4. बिजली कनेक्शन एवं आपूर्ति की समुचित व्यवस्था हो ।
  5. आंगनवाड़ी केन्द्रों पर सभी मूलभूत सुविधाएं तथा साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था हो।

इस संबंध मे जनपद गाजियाबाद मे जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा किराए पर चल रहे आंगनवाड़ी केन्द्रो के भवन निर्माण के हेतु जमीन की आवश्यकता के लिए जिले के सभी सभासदो के लिए पत्र जारी किया है जिसके अनुसार जनपद में आगनबाडी केन्द्र भवन निर्माण का कार्य नवीन मानचित्र के अनुसार कराया जाना है

भूमि का प्रस्ताव प्राथमिक विद्यालय के परिसर में प्राथमिकता के आधार पर किया जायेगा तथा प्राथमिक विद्यालय परिसर में भूमि उपलब्ध न होने की दशा में प्राथमिक विद्यालय के निकट तथा भूमि आबाद के निकट हो किसी भी प्रकार से विवादित न हो। आगनबाडी केन्द्र भवन निर्माण हेतु 310.72 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता होगी तथा भूमि प्रयाप्त उपलब्धता की स्थिती में पोषण वाटिका के भी निर्माण हेतु 382.72 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता होगी। अतः आपसे अनुरोध है कि आप अपने परिक्षेत्र में किराये एवं अन्य स्थान पर संचालित आगनवाडी केन्द्रों के निमार्ण हेतु उपरोक्तानुसार निःशुल्क भूमि उपलब्ध / निर्माण करवाने का कष्ट करें।

जारी आदेश को देखने के लिए क्लिक करे

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आंगनवाड़ी उत्तरप्रदेश एक गैर सरकारी न्यूज वेबसाइट हैं जिसका मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा संचालित बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों की गतिविधियों ,सेवाओ एवं निदेशालय द्वारा जारी आदेश की सूचना प्रदान करना है यह एक गैर सरकारी वेबसाइट है और आंगनवाड़ी उत्तरप्रदेश द्वारा डाली गई सूचना एवं न्यूज़ विभाग द्वारा जारी किए गए आदेशों पर निर्भर होती है वेबसाइट पर डाली गई सूचना के लिए कई लोगो द्वारा गठित टीम कार्य करती है

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