केंद्र सरकार की कुपोषण मुक्त भारत अभियान योजना को सुनिश्चित करने के लिए नीति आयोग द्वारा केंद्र सरकार को बाल विकास परियोजना अधिकारी व सुपरवाइजर के के पद भरने के लिए कहा गया है आंकड़े दर्शाते हैं इन पदों में 25% रिक्त है बाल विकास परियोजना अधिकारी व सुपरवाइजर के पदों पर जल्द सरकार द्वारा भर्ती निकालने के जल्द नोटिफिकेशन जारी किए जा सकते है
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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय केंद्र सरकार का अभिन्न विभाग है जो पुरे देश मे महिला एवं बच्चो के कुपोषण ,शिक्षा के लिए कार्य करता है गर्भवती व धात्री महिलाओ के गर्भ काल से बच्चे के जन्म से 6 माह तक के टीकाकरण,कुपोषण व देखभाल बच्चे का समुचित वजन कुपोषित बच्चो को सुपोषित करने 3 माह से 6 वर्ष तक के बच्चो को आंगनवाड़ी केंद्रों पर उनकी प्रारंभिक शिक्षा ,पोषाहार वितरण करने आदि की समस्त जिम्मेदारी इसी विभाग की होती है व गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की कमी से होने वाली बीमारियों ,कैल्शियम ,आयरन की कमी खून की जांच व आपातकाल में प्रसूता महिला को हॉस्पिटल तक पहुँचाने तक का कार्य इसी विभाग के अधीन होता है इस विभाग में कई बिंदुओं पर स्वास्थ्य विभाग भी कार्य करता है जिसमे आशा बहु ,ए एन एम आदि कार्य करते है
महिला एवं बाल विकास में मुख्य कार्यो में निम्न पद होते है
- आंगनवाड़ी कार्यकत्री
- सहायिका
- सुपरवाइजर (मुख्य सेविका)
- सीडीपीओ( बाल विकास परियोजना अधिकारी)
- डीपीओ( जिला कार्यक्रम अधिकारी)
सीडीपीओ का परिचय परिचय
सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) एक प्रशासनिक पद होता है जो एक राजपत्रित अधिकारी कहलाता है जिसका चयन उत्तरप्रदेश में राज्य सिविल सेवा uttarpradesh provincial civil service (uppsc ) द्वारा किया जाता है
सीडीपीओ पद के लिए अभ्यार्थियों को समाज शास्त्र ,सामाजिक वर्कर (एम एस डब्लू)या मनोविज्ञान विषय में स्नातक होना आवश्यक है इस परीक्षा के लिए अभ्यर्थी की आयु सीमा 21 वर्ष से 40 वर्ष होनी चाहिए इसमें सरकारी नियमानुसार अभ्यर्थियों को श्रेणी के आधार पर उम्र में छूट प्राप्त होती है का नियम भी लागू होता है
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uppcs परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की सामान्य विषयो की सूची अलग जारी होती है व जिन अभ्यर्थियो की परीक्षा में ये तीन विषय सामाजिक शास्त्र, मनोविज्ञान, सामाजिक कल्याण के विषय होते है उनकी सूची अलग जारी होती है इन तीन विषयो पर होने वाली मेरिट के भी मापदंड तय किये जाते है जिन अभ्यर्थियों का सामान्य सूची में नाम नही आता है और मेरिट की रैंकिंग काफी हाई हो जाती तब इन विषयों पर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों का चयन सीडीपीओ पद पर हो जाता है
इसकी प्रारंभिक परीक्षा 2 घंटे की होती है जो 150 अंकों का होता है ये दो भागों में कराया जाता है जिसमे पहला जी एस होता है और दूसरा भाग वैकल्पिक होता है। प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य विज्ञान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महत्व की सभी घटनाएं ,भारत व उत्तरप्रदेश के इतिहास की प्रमुख विशेषता भारतीय भूगोल जिसमे राज्य की भौगोलिक स्थिति व देश ,राज्य की आर्थिक स्थिति की जानकारी स्वतंत्रता में राज्य के प्रमुख लोगो का योगदान की जानकारी व मानसिक योग्यता को परखने वाले प्रश्न होते है
दूसरी मुख्य परीक्षा भी दो भागों में जी एस और वैकल्पिक में आयोजित की जाती है ये परीक्षा 300 अंकों की होती है इसमें हिंदी अनिवार्य विषय होता है और एक वैकल्पिक विषय जिसमे आपको गृहविज्ञान, श्रम व समाज कल्याण ,समाज शास्त्र ,मनोविज्ञान में किसी एक विषय का चयन करना होता है और इसकी समयावधि तीन घंटे की होती है
तीसरी परीक्षा साक्षात्कार की होती है इसमें आपकी मानसिक ,विवेक ,कुशलता आत्मविश्वास को परखा जाता है
लेकिन आम तौर पर देखा जाता है कुछ सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों द्वारा इनकी भर्तियों में भ्रामक सूचना फैलाई जाती है जिसमे इनकी भर्तियों को सीधी भर्ती के तौर पर बताया जाता है
जैसा कि आप सभी जानते है कि uppsc की परीक्षा बहुत जटिल होती है जिसमे तीन चरणों मे ये प्रक्रिया पूरी की जाती है जिसमे प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा व इंटरव्यू के आधार पर की जाती है और अंतरिम मेरिट के आधार पर पदों की नियुक्ति की जाती है इसीलिए किसी भी गलत अफवाहों से बचे और पूर्ण जानकारी लेते हुए ही सही चयन करें