आंगनवाड़ी वर्करो को बड़ी खुशखबरी ,कार्यकत्री को एक लाख और सहायिकाओ को 40 हजार की ग्रेजुवेटी मिलेगी
आंगनवाड़ी ग्रेजुवेटी

सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकत्री,मिनी कार्यकत्री और सहयिका को बड़ी खुशखबरी दी है। प्रदेश के बाल विकास विभाग के अनुरोध पर इन आंगनवाड़ी वर्करो को अब खाली हाथ रिटायर नहीं होना पड़ेगा। अब सरकार द्वारा को रिटायर होने के बाद आंगनवाड़ी कार्यकत्री, मिनी कार्यकत्री 1 लाख और सहायिका को 40 हजार रुपये दिया जायेगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक द्वारा मिनी कार्यकत्री को 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर रिटायर के समय एक मुश्त सहायता राशि ( ग्रेच्युटी) देने के लिए स्वीकृति आदेश जारी करने का अनुरोध किया था।
इसके बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने बाल विकास विभाग को आंगनवाड़ी कार्यकत्री, मिनी कार्यकत्री और आंगनवाड़ी सहायकों को ग्रेच्युटी के भुगतान के आदेश जारी कर दिये है। अब प्रदेश की आंगनवाड़ी वर्करो को 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर सेवा समाप्ति के समय 1,00,000/- रुपये और 40,000/- रुपये तक की राशि दी जायेगी।
इससे पहले देश की सर्वोच न्यायलय भी सभी राज्यो मे आंगनवाड़ी वर्करो को ग्रेच्युटी देने के लिए आदेश जारी कर चुकी है लेकिन अभी तक सिर्फ कुछ ही राज्यों ने इस आदेश को लागू किया है। जिसमे राजस्थान सरकार ने इसी वर्ष अपने बजट मे आंगनवाड़ी वर्करो को मानदेय बढ़ोत्तरी और ग्रेच्युटी देने का प्रावधान किया है।
बिहार मे भी पिछले साल के अंत मे बाल विकास विभाग ने आंगनवाड़ी वर्करो को एक से डेढ़ लाख रुपये की ग्रेच्युटी देने का प्रस्ताव शासन के पास भेजा था जिसका केबिनेट की मीटिंग मे मंजूरी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। वही उत्तराखंड राज्य मे वर्तमान समय मे 30 हजार की सहायता राशि दी जा रही है लेकिन इस राशि को एक से डेढ़ लाख रुपये बढ़ाने की तैयारी चल रही है।
देश के त्रिपुरा राज्य की हाईकोर्ट ने भी 22 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग पर आंगनवाड़ी के पक्ष मे फैसला सुनाया था जिसमे आंगनवाड़ी वर्करो का कहना था कि आंगनवाड़ी वर्कर ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम 1972 के तहत इस विशिष्ट लाभ के हकदार है।
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मध्यप्रदेश मे भी आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिका को वेतन बढ़ोत्तरी सहित ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसमे राज्य की आंगनवाड़ी यूनियन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका कल्याण संघ की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और निदेशक महिला एवं बाल कल्याण विभाग को दो महीने में याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर विधि अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया था।
आंगनवाड़ी को ग्रेजुवेटी देने के लिए देश की सर्वोच्च न्यायलय द्वारा निर्णय देने के बाद उत्तरप्रदेश की उच्च न्यायलय भी आंगनवाड़ी को ग्रेजुवेटी देने के लिए आदेश जारी कर चुका है लेकिन यूपी की योगी सरकार इस आदेश को मानने के लिए तैयार नहीं है।
आंगनवाड़ी वर्करों को ग्रेजुवेटी देने के सम्बंध में जारी आदेश





